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विदेश मंत्री ने 58 यात्रियों के पहले जत्थे को किया रवाना

 Ritu |  11 Jun 2019 11:59 AM GMT

यात्रा के सफल आयोजन के लिए हमें कई अन्य मंत्रालयों और एजेंसियों खासतौर से उत्तराखंड, सिक्किम और दिल्ली सरकार से काफी सहयोग मिल रहा है।

नई दिल्ली। पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा का आरंभ हो गई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा के पहले जत्थे को रवाना किया। उन्होंने ट्वीटर पर तस्वीर शेयर करते हुए लिखा 'कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 58 यात्रियों के पहले जत्थे को रवाना किया। तीर्थयात्रियों को सुरक्षित और और आध्यात्मिक रूप से संपन्न यात्रा की शुभकामनाएं। यह उससे परे है जो आप कल्पना कर सकते हैं' आज कैलाश मानसरोवर यात्रा की घोषणा करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि तीर्थयात्रा लोगों के बीच आदान-प्रदान का प्रचार करने तथा भारत और चीन के बीच मित्रता एवं समझ को मजबूत करने की दिशा में एक ''महत्वपूर्ण कदम'' है।

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू भवन में एक कार्यक्रम में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन में राजदूत तैनात रहते समय इस पवित्र स्थल के दर्शन का अपना निजी अनुभव भी साझा किया। लिपुलेख मार्ग से यात्रा के आरंभ होने की घोषणा करते हुए मंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इस तीर्थयात्रा में रुचि तेजी से बढ़ी है। यह तीर्थयात्रा साल 1981 में शुरू हुई थी। इसके साथ ही विदेश मंत्री ने 2012 में अपनी कैलाश मानसरोवर यात्रा की तस्वीर भी साझा की।

उन्होंने कहा, ''मैं यह बता दूं कि यात्रा के सफल आयोजन के लिए हमें कई अन्य मंत्रालयों और एजेंसियों खासतौर से उत्तराखंड, सिक्किम और दिल्ली सरकार से काफी सहयोग मिल रहा है।'' उन्होंने कहा, ''मैं इस यात्रा के आयोजन में लोकतांत्रिक चीन गणराज्य की सरकार के समर्थन का जिक्र करना चाहता हूं जो लोगों के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने और दोनों देशों के बीच मित्रता एवं समझ मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।'' कैलाश मानसरोवर यात्रा 2019 के लिए मंत्रालय को 2,996 आवेदन मिले जिनमें से 2,256 पुरुष आवेदक हैं और 740 महिला आवेदक हैं। यात्रा के लिए 624 वरिष्ठ नागरिकों ने भी आवेदन किया था।

कैलाश मानसरोवर को ​शिव—पार्वती का घर माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार मानसरोवर को पास स्थित कैलाश पर्वत पर शिव—शंभू का धाम है। यही वह पावन जगह है, जहां शिव—शंभू विराजते है। पुराणों के अनुसार यहां शिवजी का स्थायी निवास होने के कारण इस स्थान को 12 ज्येतिर्लिगों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। ​कैलाश बर्फ से आच्छादित 22,028 फुट ऊंचे शिखर और उससे लगे मानसरोवर को कैलाश मानसरोवर तीर्थ कहते हैं और इस प्रदेश को मानस खंड कहते हैं।

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