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शपथ ग्रहण में इमरान खान को आमंत्रित नहीं करना भारत का आंतरिक मामला: पाकिस्तान

 Ritu |  28 May 2019 6:49 AM GMT

इमरान को न बुलाना भारत की मजबूरी है और मोदी की पूरी राजनीति ही पाकिस्तान की आलोचना पर आधारित रही है

इस्लामाबाद। नरेंद्र मोदी के शपथग्रहण समारो​ह में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को न्योता न देेेेने को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भारत की अंदरूनी राजनीति ​करार दिया है। कुरैशी ने कहा ​है कि इमरान को न बुलाना भारत की मजबूरी है और मोदी की पूरी राजनीति ही पाकिस्तान की आलोचना पर आधारित रही है, ऐसे न्योते का कोई सवाल ही पैदा नही होता।

आईएएनएस के अनुसार, दैनिक समाचार पत्र डॉन की एक रिपाेर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सोमवार शाम को एक समाचार चैनल से कहा, "उनका (पीएम मोदी) पूरा ध्यान अपने चुनाव प्रचार अभियान के दौरान पाकिस्तान को कोसने पर था। हम अभी यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वह इतनी जल्दी इससे बाहर निकलेंगे।"

भारत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गुरुवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के लिए सभी बिम्सटेक देशों के नेताओं को आमंत्रित किया है। बिम्सटेक देशों में भारत के अलावा बंगलादेश, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार और थाईलैंड शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने जब 2014 में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी तो उनके शपथ ग्रहण समारोह में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (दक्षेस) देशों के नेताओं को आमंत्रित किया गया था जिनमें पाकिस्तान भी शामिल था। पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने उस समय पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत की थी।

कुरैशी ने आगे कहा कि शपथग्रहण समारोह में जाना कोई मुद्दा नहीं है, बेहतर है कि कश्मीर, सियाचिन और सर क्रीक जैसे विवादों पर कोई बातचीत आगे बढ़ें। ज़रूरी है कि बातचीत शुरू करने का कोई रास्ता निकाला जाए। उन्होंने कहा कि अगर मोदी दक्षिण एशिया में विकास चाहते हैं तो उन्हें पाकिस्तान के साथ मिलकर बातचीत से इन मुद्दों का हल निकालना होगा। पाकिस्तान के लिए भी मुफीद है कि सीमा पर शांति बनी रहे।

14 फरवरी को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में 40 जवानों के शहीद होने के बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते अधिक तनावपूर्ण बने हुए हैं। दुनिया जानती है कि पुलवामा आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ नहीं था।

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