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शीला दीक्षित का अनुभव सब पर पड़ा भारी

 Ritu |  2019-01-10T17:54:21+05:30

शीला दीक्षित का अनुभव सब पर पड़ा भारी

नई दिल्ली। नये चीफ का इंतजार हुआ खत्म, दिल्ली में कांग्रेस पार्टी का नया चीफ कौन बनेंगा इसका इंतजार खत्म हो गया हैं। जानकारी के मुताबिक दिल्ली में 15 साल तक सत्ता पर राज करने वाली दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष होंगी।

बता दे कि डॉ. योगानंद शास्त्री, देवेन्द यादव, हारून यूसुफ और राजेश लिलोठिया को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। बताया जा रहा है कि औपचारिक घोषणा जल्द की जाएगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जिस तरह पार्टी में अंदरूनी कलह है, उसे बहुत हद तक पाटने का काम शीला दीक्षित कर सकती हैं। ऐसे में शीला दीक्षित दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए मुफीद हैं।

प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद को लेकर ऊपर-ऊपर तो 4-5 नाम ही चल रहे थे, मगर दावेदारी 15 से 20 वरिष्ठ नेता ठोक चुके थे। इनमें कई पूर्व अध्यक्ष, सांसद, मंंत्री और विधायक शामिल थे। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में सचिव पद की जिम्मेदारी संभाल रहे कई नेता भी इस दौड़ में शामिल थे। यह अलग बात है कि अध्यक्ष पद के लिए जितने अधिक नाम थे, उतना ही उन्हें लेकर विरोधाभास भी था। आपस में ही एक दूसरे की काट करने का दौर भी जोरों पर चल रहा था, लेकिन आखिरकार बाजी शीला दीक्षित के हाथ लगी।

शीला दीक्षित का 15 साल तक दिल्ली में सफल सरकार चलाने का अनुभव सब पर भारी पड़ गया। शीला दीक्षित ऐसी कद्दावर नेता हैं, जिनका लोहा विरोधी दल आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी भी मानती है। शीला दीक्षित देश की ऐसी पहली महिला मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने लगातार तीन बार मुख्यमंत्री पद संभाला है।

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