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अब आयकर विभाग बताएगा आपकी सही आय

 Manish Kumar Gupta |  21 Jan 2019 7:14 AM GMT

इनकम टैक्स विभाग एक ऐसी योजना शुरू कर रहा है जिसके तहत अब आप की इनकम टैक्स की रिटर्न का काफी बड़ा हिस्सा पहले से भरा हुआ होगा अर्थात आपकी सामान्य KYC व अन्य जानकारी के अलावा आपकी विभिन्न स्रोतों से कमाई गई आय को भी इनकम टैक्स के फार्म में पहले से ही भर के दे देगा जहां तक इनकम टैक्स विभाग को आपकी आय के बारे में पता है या सूचना है। इसका अर्थ यह हुआ कि अगर आयकर विभाग के पास पहुंची हुई सूचना लगभग ठीक हैं तो आप जब अपना फार्म वेबसाइट से डाउनलोड करेंगे तो वो एकदम तैयार स्थिति में होगा और आप लगभग 4 मिनट के अंदर अपनी इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल कर सकते हैं करदाता को सिर्फ यह ध्यान रखना है कि उसका डाटा ठीक है और आपकी तैयारी लगभग पूरी है। ऐसा सीबीडीटी के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया।

आइए समझते हैं कि यह कैसे क्रियान्वित होगा। वर्तमान समय में यदि आप अपना इनकम टैक्स लॉगइन करके इनकम टैक्स की रिटर्न भरने के लिए इनकम टैक्स का पहले से भरी हुई XML file डाउनलोड करते हैं तो आपका नाम, पिता का नाम, परमानेंट अकाउंट नंबर , पता और बैंक अकाउंट आदि इसी तरह की सारी डिटेल भरी हुई मिलती है। इसके साथ ही अगर आपका कोई टीडीएस काटा गया है तो वह भी टीडीएस/ एडवांस टैक्स वाले सेक्शन में भरा हुआ मिलता है। ऐसे ही आपके नियोक्ता की भी सारी जरूरी जानकारी भी भरी हुई मिलती है। करदाता को मात्र अपनी स्वयं की विभिन्न प्रकार की आय, छूटें व कर की गणना स्वयं करनी होती थी या किसी प्रोफेशनल से करवानी होती है।

आने वाले समय में इनकम टैक्स विभाग ने आपकी इस समस्या को भी समाधान करने का प्रयास किया है जिसके अंतर्गत आयकर विभाग विभिन्न स्रोतों से प्राप्त जानकारी में से करदाता की अनुमानित आय को निकाल कर करदाता के इनकम टैक्स के रिटर्न के फार्म में पहले से ही भर कर दे सकता है । और इसी तरह जिस केस में टीडीएस का क्रेडिट दर्शाया गया गया है उस टीडीएस के साथ साथ सबंधित कुल आय को भी आपके इनकम टैक्स के फार्म में पहले से भरके दे देगा। इसके साथ ही विभाग या अन्य सरकारी को अन्य स्रोतों से मिली जानकारी के आधार पर आप की अनुमानित आए उस फॉर्म में भर कर दे सकता है। इसके अलावा आपके द्वारा किए गए विभिन्न में निवेश और संपत्तियों की खरीद से संबंधित सूचना भी फॉर्म भर कर दे सकता है। आप इस दी गई इंफॉर्मेशन को अपनी सुविधा से बदल सकते हैं और जांच सकते हैं। अब अगर यह रकम ठीक है तो उस पर अगला बटन दबाते ही यह फॉर्म आपका इनकम टैक्स कैलकुलेट कर देगा और कुल टैक्स डिमांड या रिफंड (जैसा भी मामला हो) निकल आएगा।

इसका नतीजा यह होगा अगर कोई व्यक्ति इस भुलावे में हो कि उसकी फलां आय पर विभाग की नजर नहीं है तो उसका यह भुलावा दूर हो जाएगा और करदाता को जब पहले ही पता लग जाएगा कि आयकर विभाग की उस पर कहां तक नजर है और ऐसी स्थिति में वह उस आय पर आयकर की गणना कर समायोजित कर लेगा ताकि स्क्रुटनी के चक्कर में फंसने से बच सके। और इस तरह करदाता का ईमानदारी से कर चुकाने का मन बनेगा और इसके उपरांत उचित टैक्स चुका दिया जाएगा । इस तरह सरकार की कर संग्रह में वृद्धि होगी, करदाता भी कर चोरी की मानसिकता बाहर आएगा और परिणास्वरूप भ्रष्टाचार के मामलों में भी कमी आएगी।

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