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धोनी के बलिदान बैज पहनने का मुद्दा थमने का नाम नहीं ले रहा

 Ritu |  7 Jun 2019 7:54 AM GMT

बलिदान बैज वाले ग्लव्स पहने धोनी की यह तस्वीर बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

नई दिल्‍ली। आईसीसी क्रिकेट वर्ल्‍ड कप के पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के बलिदान बैज पहनने का मुद्दा थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। सोशल मीडिया पर ये मुद्दा लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इस कड़ी में पाकिस्‍तान के 30 मार्च, 2011 के मोहाली में खेले एक मैच का वीडियो और फोटो शेयर कर रहे हैं। उसमें भारत के खिलाफ खेले गए उस मैच में पाकिस्‍तानी टीम को मैदान में नमाज पढ़ते देखा जा सकता है। पाकिस्‍तानी मूल के कनाडाई लेखक तारेक फतेह ने भी आईसीसी की इस अपील पर आपत्ति उठाई है। उन्‍होंने ट्वीट कर कहा, ''पाकिस्‍तान टीम जब मैदान में नमाज पढ़ती है तो आईसीसी आपत्ति क्‍यों नहीं उठाता?''

37 साल के धोनी के ग्लव्स पर 'बलिदान बैज' क्रिकेट वर्ल्‍ड कप में भारत और दक्षिण अफ्रीका के मैच के दौरान उस समय दिखाई दिया जब उन्होंने मैच के 40वें ओवर के दौरान युजवेंद्र चहल की गेंद पर दक्षिणी अफ्रीकी बल्लेबाज एंडिले फेहलुकवायो को स्टंप्स आउट किया था। 'बलिदान बैज' वाले ग्लव्स पहने धोनी की यह तस्वीर बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। यह पहली बार नहीं है जब धोनी ने मैदान के अंदर सुरक्षा बलों के प्रति अपना सम्मान दिखाया है। उन्होंने इससे पहले मार्च में आस्ट्रेलिया के साथ हुए वनडे मैच के दौरान भी आर्मी वाली कैप पहनकर विकेटकीपिंग की थी।

आईसीसी ने इस मसले पर बीसीसीआई से आग्रह किया कि वह धोनी से ग्‍लव्‍स उतारने को कहे। लिहाजा शुक्रवार को बीसीसीआई की इस मुद्दे पर हुई बैठक में फैसला किया गया कि सीईओ राहुल जौधरी मुद्दे के समाधान के लिए आज ही इंग्‍लैंड जाएंगे। वहां पर आईसीसी अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे।

इससे पहले बीसीसीआई की प्रशासक कमेटी के अध्‍यक्ष विनोद राय ने पत्रकारों से कहा था कि बोर्ड ने आईसीसी को पत्र लिखकर अपना जवाब दे दिया है। इस पर आईसीसी ने आश्‍वासन दिया है कि वह इस पत्र पर विचार करेगा। इस बारे में बीसीसीआई सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि राय का विचार है कि बोर्ड धोनी से इन ग्‍लव्‍स को उतारने के लिए नहीं कहेगा।

दरअसल बीसीसीआई कह रहा है कि इस मुद्दे पर हम अपने खिलाड़ी के साथ खड़े हैं और धोनी का बलिदान बैज न ही कार्मिशयल है और न ही धार्मिक। इसके साथ ही ये भी कहा कि ये चिन्‍ह उनकी रेजीमेंट का भी नहीं है। हम इसकी अनुमति के लिए औपचारिक रूप से आवेदन करेंगे। इस संदर्भ में यदि आईसीसी, बीसीसीआई के जवाब से संतुष्‍ट रहता है और भारतीय क्रिकेट बोर्ड उससे मंजूरी ले लेता है तो धोनी के ग्‍लव्‍स पर 'बलिदान बैज' बना रहेगा।

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