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खबर का हुआ असर : स्कूल में लड़कियों के साथ हुए यौन शोषण मामले पर DCW ने जारी किया नोटिस

दिल्ली-अप-टु-डेट।  नई दिल्ली। जहां स्कूलों को बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है, वही हाल में कुछ दिनों पहले उत्तर पूर्वी दिल्ली में निगम के प्रतिभा स्कूल से आए एक मामलें ने छात्रों व अभिभावकों दोनों की रूह कंपा दी थी। बता दें कि दिल्ली नगर निगम संचालित एक स्कूल में लड़कियों के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया था। जिसके बाद दिल्लीअपटुडेट समाचार पत्र की टीम ने यमुना विहार सी—ब्लाक स्कूल में हुए इस हादसे के वीडियों के साथ आस—पास के स्कूलों का भी जायजा लिया और पाया कि हादसा होने के बावजूद भी स्कूल में छात्रों की सुरक्षा के लिए कोई निगरानी नही रखी गई हैं न तो स्कूल के मेन गेट पर गार्ड देखने को मिले और न स्कूल के मेन गेट पर कोई सीसीटीवी कैमरा दिखा।

मामले को गंभीर मानते हुए निगम की टीम ने स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा की स्थिति की जांच शुरू करने का फैसला किया, जिसके बाद महिला आयोग की टीम ने दिल्ली नगर निगम के कई स्कूलों की बदहाली का जायजा लेने के साथ छात्रों, शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने पाया कि स्कूलों की स्थिति दयनीय, असुरक्षित और चिंताजनक थी।

टीम ने बताया कि निगम के स्कूलों में सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी नहीं हैं। स्कूलों में शौचालय बंद होने से बच्चों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है, टीम को स्कूल के गेट खुले मिले और पाया कि छात्रों को उनकी सुरक्षा के लिए कोइ्र सुविधा मुहैया नही करवायी गई। और साथ ही ये भी देखा कि में छत और दीवारों के हिस्से जगह-जगह से टूटे हुए पाए गए जिसे स्कूल में मौजूद स्टाफ ने भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर बताया कि कई बार बच्चे और स्टाफ दुर्घटना में बाल-बाल बचे हैं। निरीक्षण में आयोग ने देखा कि स्कूलों में एक भी चालू सीसीटीवी कैमरा नहीं था स्कूलों के साथ-साथ शौचालय भी बेहद गंदे थे, कई जगहों में फर्श पर मल-मूत्र फैला हुआ था और किसी भी शौचालय में साबुन नहीं था।

आयोग ने यह भी पाया कि सुबह 9 बजे (स्कूल शुरू होने के 1.5 घंटे बाद भी) 9 में से 3 कक्षाओं में शिक्षक नहीं पहुंचे हैं. स्कूल इंचार्ज भी स्कूल में मौजूद नहीं मिला। स्कूल व्यवस्था से पररेशान छात्रों ने बताया कि शिक्षक आमतौर पर सुबह 9 बजे के बाद स्कूल आते हैं। सभी स्कूल के कक्षाओं में छात्रों की काफी भीड़ थी और स्पष्ट था कि शिक्षक-छात्र अनुपात के मानदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है. पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों को कुछ कमरों में गर्मी में एक साथ भरा हुआ था, जबकि स्कूलों में कई कक्षाएं खाली पड़ी हुई थीं।

आयोग ने स्कूलों की ये बदहाली देखकर जिम्मेदार अधिकारियों का ब्योरा भी मांगा है और नगर निगम से कार्रवाई करने को कहा है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा, “मैं दिल्ली नगर निगम के स्कूलों की निराशाजनक स्थिति को देखकर स्तब्ध हूं। ये स्कूल डरावने घर जैसे हैं जहां छात्र और शिक्षक बेहद असुरक्षित हैं, बिना सुरक्षा गार्ड और सीसीटीवी के स्कूल कैसे चल सकता है? जिस भवन में एमसीडी ने ही बोर्ड लगा कर लोगों से भवन क्षतिग्रस्त होने के कारण दूर रहने का अनुरोध किया हो उस भवन में स्कूल कैसे चल सकता है? मामले में दिल्ली नगर निगम आयुक्त को नोटिस जारी किया है. स्कूलों की बदहाली में तत्काल सुधार होना चाहिए और स्कूलों की निराशाजनक स्थिति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।”

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