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ऐसी नींद भी बन सकती हैं जानलेवा

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(दिल्ली-अप-टु-डेट) नई दिल्ली। कई बार हम कुछ ऐसी बातों से अंजान होते है, जो हमारे स्वास्थ्य से जुड़ी होती हैं। जी हां अकसर लोग स्कूल या ऑफिस में सिरदर्द होने पर या हल्का खाली बैठनें पर टेबल का सहारा लेकर हेडडाउन कर लेतें हैं वह केवल आपके स्वास्थ्य के लिए ही नही बल्कि आपके जीवन के लिए अधिक खतरनाक साबित होता हैं।

स्कूल में भी अधिकतर टीचर बच्चों के शोर मचानें पर उनको हेडडाउन करके बैठने को कह देते हैं जिस दौरान कई बच्चों को बीच में नींद आ जाती हैं और पता भी नही चलता ऐसे ही अक्सर लोग ऑफिस में डेस्क पर ही काम करते – करते एक नींद की झपकी ले लेते हैं। जिससें आपकी कमर में दर्द, गर्दन और कंधों में अकड़न आ जाती है अगर ऐसा हुआ है इसके पीछे की वजह है आपका घंटों तक सिस्टम पर बैठकर काम करना है।

हम अकसर अपना काम करने में इतने मगन हो जाते हैं कि पूरे दिन ही एक जगह पर बिना हिले बैठे रहते हैं जो सबके लिए बहुत खतरनाक स्थिति हैं। क्योंकि इंसानी शरीर इस तरह रहने के लिए नहीं बना है, ऐसा करने पर आपको डीप वेन थ्रोम्बोसिस की गंभीर समस्या भी हो सकती है। आइए लंबे समय तक सिस्टम पर बैठने या डेस्क पर सोने का प्रभाव आपके शरीर पर किस तरह होता है।

हमारे वर्क स्पेस में काम करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चेयर भले ही कितनी ही आरामदायक क्यों ना हो। लेकिन इन पर घंटों तक बिना हिले डुले रहना या सो जाना हमारे लिए कई तरह की दिक्कत पैदा कर सकता है।

शरीर के जोड़ों में अकड़न आने लगती है। इस स्थिति में शरीर को इन समस्याओं से बचाने के लिए स्ट्रेचिंग करना एक सबसे बेहतर विकल्प हो सकता है। इसके अलावा लेट कर भी शरीर को आराम दे सकते हैं। वहीं अगर आप बैठे – बैठे ही सो जाते हैं, तो इससे शरीर में रक्त संचार भी बाधित हो सकता है। जिसकी वजह से कई अन्य समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

घंटों तक अपने डेस्क पर ही बैठे रहने से डीप वेन थ्रोम्बोसिस की समस्या भी पैदा हो सकती है। आपको बता दें कि इस समस्या में शरीर में कहीं किसी एक नस के भीतर रक्त का थक्का बन जाता है। आमतौर पर यह पैर या जांघ में होता है। यह होने की संभावना तभी होती है जब आप घंटों तक या सिस्टम पर बैठे रहते हैं या सोने लगते हैं।

इस स्थिति में अगर समय पर कोई उपचार नही किया जाए तो यह कई बार लोगों की मृत्यु तक का कारण बन जाती है। दरअसल यह खून का थक्का रक्त प्रवाह के साथ शरीर के दूसरे हिस्सों में पहुंच जाता है जैसे दिमाग, फेफड़े आदि। ऐसा होने पर ही व्यक्ति की मौत होने के आसार पैदा हो जाते हैं।

​डीप वेन थ्रोम्बोसिस के लक्षण

काल्व्स की मांसपेशियों में या पैर में सूजन और दर्द
त्वचा का गर्म होकर सूजन आना
पैरों में या एंकल में दर्द होना।
​क्या बैठकर सोने के फायदे हैं

अगर आप बैठकर सोना चाहते ही हैं तो इसके लिए हमेशा रिक्लाइनर का इस्तेमाल करें। हालांकि इस तरह सोने से भी व्यक्ति को हमेशा बचना ही चाहिए। वहीं गर्भवती महिलाएं चाहे तो इस तरह सो सकती हैं। इससे उनके लिए सोना आसान हो जाएगा। इसके अलावा स्लीप एपनिया के मरीज भी इस तरह सो सकते हैं।

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